Best Milan Shayari in Hindi

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Milan Shayari

किसी में मिल कर पूरा होना नहीं है मुमकिन,
जिससे बाँट सको अपना अधूरापन वहाँ ठहर जाना।

तुमसे मिलना और मिलकर बिछड़ना हमारा नसीब था ! 
हम चाह के भी कुछ न कर सके दिल जलता रहा और समंदर करीब था !!

जब भी तुझसे मुलाकातें होने लगतीं हैं,
एक अजब सी लहर सीने में दौड़ने लगती है,
यूँ तो हजारों हैं इस जमाने मे दिल लगाने के लिए,
फिर भी न जाने क्यूँ ये तेरे चहरे पर ठहरने लगतीं हैं।

इश्क कहूँ इसे या नज़रों का धोखा कहूँ,
क्योंकी आज तक हमे ये हुआ नही,
उसे देखकर सांसें रुक गई दिल की धड़कन ठहर गई,
क्योंकि आज से पहले दिल के साथ ऐसा हुआ नही।

दिल मैं किसी का भी दुख नहीं,
दिल की मेरी आदत नहीं,
एक बार इस दिल मे…
फिर भी मैं किसी भी तरह से नहीं।

तू मुझको कितना भी भुला के देख, तेरे दिल से कभी हम न जाएंगे।
इस ज़माने की भीड़ में तू कितना भी खो जा, हम अलग से ही नज़र आएंगे।
तू पानी पी पी कर थक जाएगा,
लेकिन हम तुझे हिचकियाँ बन बनकर सतायेंगे।

न जाने वो क्यूँ मुझसे खफा हो जातें हैं,
मुझे लगता है शायद वो मुझे आजमाते हैं,
उनकी यादों को तो हम इस तरह सीने से लगा रखेंगे,
चाहे भले ही वो मुझे दूर से बुलातें हैं।

जब उनका जिक्र छिड़ जाता है,
तो एक इत्र सा फ़िज़ाओं में महक जाता है,
जब वो मुझे अपनी झील सी आंखों से देखतें है न,
तब मेरा दिल पल दो पल को ठहर सा जाता है।

ज़िंदगी मिलती है बस एक बार,
मौत हमे आती है एक बार,
दोस्ती भी होती है एक बार,
प्यार भी होता है एक बार,
दिल भी टूटता है एक बार,
ज़िन्दगी में सब कुछ होता है एक बार,
फिर तेरी याद क्यों आती है बार बार।

ज़िन्दगी में कभी तू उदास मत होना,
क्योंकि हमेशा मैं तेरे साथ हूँ,
मेरी याद आये अपनी पलके बन्द कर लेना,
मैं तेरे कहीं आस पास हूँ।

तेरी ज़ुल्फ़ों की छाओ मिले तो इनमें पूरी शाम गुजारा करूं,
पूरी उम्र का सफर उस एक पल के सहारे गुजारा करूं।

जज़्बात बहक जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं,
अरमान मचल जाते हैं जब तुमसे मिलते हैं,
मिल जाते हैं आँखों से आँखें, हाथों से हाथ,
दिल से दिल, रूह से रूह जब तुमसे मिलते हैं।

मिलना है तुमसे, खोने से पहले,
कहना है तुमसे, रूठने से पहले,
रूठना है तुमसे, जाने से पहले,
और जीना है तुम्हारे साथ, मरने से पहले..

दिल तो चाहता है तुमसे मिलना
लेकिन फासलों की मजबूरी है
हम तो सदा तेरे साथ है
सिर्फ़ नज़रों की दूरी है.

अब बहक ही गयी हो बाहों में मेरी,
तो थोड़ा वक़्त लगेगा रिहाई में तेरी।

तुम्हारा ना होना खल जाता है ,
कितना प्यार है तुमसे पता चल जाता है।

मुझसे मिलना अब ख्वाबों मैं हीं मुकम्मल हो सकता है
क्योंकि जालिम दुनिया मोहब्बत से पहले एक दूसरे का धर्म पूछ लेती है

कहते है कौन मिलता है,
मतल्ब पूरा हो जाने के बाद,
पर हमे तो और भी अछा लगता है,
दिल मिलने के बाद…

तुमसे फिर कब मिलना होगा
ज़ख़्म का फिर कब सिलना होगा।

ऑंखे बंद करके तुझे महसूस करने के अलावा …
तुमसे मिलने का और कोई रास्ता नहीं ..!

आज फिर तुमसे मिलने को दिल चाहता है.
पास बैठ कर बाते करने को दिल चाहता है.
इतना हसीन था उनका आँसू पोछना.
की आज फिर रोने को दिल कहता है.

हर लम्हा खूबसूरत हो जाएगा
जब वो हमसे मिलने आएगा !

Milan Shayari in Hindi

अब नही इंतज़ार होता है
याद आती है आपकी
तो दिल बेचैन हो जाता है..

मुझे एक इश्क मुकम्मल करना है
हाँ ये सच है मुझे तुमसे निकहा करना है !

उनसे मिलने को दिल चाहता है,
कुछ सुनने सुनाने को दिल चाहता है,
था किसी के मनाने का अंदाज़ ऐसा,
फिर रूठ जाने को दिल चाहता है.

तुझ से मिलने को बे-क़रार था दिल,
तुझ से मिल कर भी बे-क़रार रहा.

कुछ याद आया तो लिखेगें फिर कभी
फिलहाल तो रूह बेचैन है तुम्हे देखने को….

तुमसे मिलना बाते कर ना अच्छा लगता है
चुप चुप के हसना अच्छा लगता है,तुम कहती है तुम मुझे बहुत ही अच्छे लगते हो
मुझे तुम ऐसा कहना अच्छा लगता है,
तुम्हारी आंखें में बैंड रहना अच्छा लगता है
तुम्हारी यादों में आना अच्छा लगता है,सब कहते हैं ये ख़्वाब है तेरा लेकिन
ख़्वाब में मुझे रहना अच्छा लगता है,हां तुम मुझे को बहुत अच्छी लगती हो !!

दिल तो चाहता है तुमसे मिलना
लेकिन फ़ैसलों की मजबूरी है
हम तो सदा तेरे साथ है
सिर्फ नजरों की दूरी है।

सोते-जागते बस तुम दिखते रहते हो ,
खुशबू बनकर साँसों में
हर रोज़ बिखरते रहते हो।

करने दो ना हमें दीदार अपना ,
ताकि सच होने लगे मेरी आँखों का सपना।

मैं प्यासा- दरिया हो तुम
मेरी खुशियों का ,
इकलौता जरिया हो तुम।

जैसे ख्याल तुम्हारा आता है बार-बार ,
तुम क्यों आके रह जाते हो हफ्ते में एक-बार।

जब तुम्हारा आना होता है ,
ना जाने मेरा होश कहा चला जाता है।

जब-जब तुमसे मिलना घट जाता है ,
मेरा प्यार उतना ही बढ़ जाता है।

मेरी आँखों को कभी पढ़के देखना ,
तुम्हारे नाम के सिवाय और कुछ नहीं मिलेगा।

बेनाम थी ज़िंदगी मेरी ,
अब मोहब्बत नाम रख दिया है उसका।

जब-जब तेरा साथ मिल जाता है ,
सुकून भी मेरे पास आ जाता है।

आइना देखती हूँ खुद को देखने के लिए ,
मगर कमाल है नज़र तुम आ जाते हो।

किनारे से अब , नहीं हम लौटेंगे
इश्क़ के दरिये में , जी भर के डूबेंगे।

नमकीन-सी मेरी ज़िंदगी में
मिठास घोल देते हो ,
बिन सुने मुझे
मेरे दिल की बात बोल देते हो।

तेरी यादें तेरी बातें बस तेरे ही फ़साने है ,
हां क़ुबूल करते है कि हम तेरे ही दीवाने है।

कहा जाऊंगा मैं तुम्हे छोड़कर ,
कि तुम्हारे बिना जब रात नहीं गुज़रती –
तो ज़िंदगी कैसे गुज़रेगी।

अब नहीं रहता मुझे बसंत का इंतज़ार ,
तुम्हारे आने से ज़िंदगी ही बन गयी बहार।

आसान नहीं है तुम्हे चाहना ,
क्यूंकि नींदों को भूलना पड़ता है
सुकून को गवाना पड़ता है।

मेरे ज़ज़्बातों की चिंगारी को
आपने हवा क्या दी ,
मेरे दिल में तेरे नाम की
आग-सी लग गयी है।

मिलन का एक ख्वाब रखता हूँ,
तेरी चाहत का ख्याल रखता हूँ,
हो हमारा मिलन ख़्वाब्बो की तरह,
हकीकत बनाने का ये प्रयास करता हूँ।

तेरे मेरे मिलन का कुछ
ऐसा अनूठा मंज़र होगा,
जैसे रेगिस्तान की तलब मिटाने आई
हो बे-मौसम बारिश कोई।

बंधन ऐसा बांध कि रूह से
रूह का मिलन हो जाए,
तू सोचे मेरा नाम और
मेरे दिल को खबर हो जाए।

मैं लड़का सीधा-साधा,
तू लड़की शैतान प्रिये,
होगा अपना जल्द मिलन,
तुम मत होना परेशान प्रिये।

बिन मिले ही इतना न मिला करो हमसे,
इज़हार-ए-इश्क़ में इक़रार सा हो जाता है।

जिस्मों के मिलन को मोहब्बत समझने वालों,
जिस्म से आगे इक रूह भी हैं।

आओ फिर से अजनबी बन कर मिलें,
तुम मेरा नाम पूछो मैं तुम्हारा हाल पूछूँ।

दिन भर भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के,
न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है।

मुझे अच्छा लगता है तेरा हमसफ़र हो जाना,
मिलकर तूझसे यारा फिर कही गुम हो जाना।

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