100+ Lamha Shayari in Hindi


“100+ Lamha Shayari: Capturing life’s fleeting moments in verses that touch the heart. Expressing love, joy, pain, and introspection through eloquent words, these poetic gems evoke emotions, connecting souls across time and space. Each verse is a canvas painted with emotions, a snapshot of the human experience, making us pause and reflect on the beauty and complexity of life’s precious moments.”

Lamha Shayari

Lamha Shayari

ढून्ढ रहे हे मगर नाकाम रहे अब तक ,
वो लम्हा जिस मैं तू याद न आया हो..!!

जलने दो ज़माने को चलो एक साथ चलते हैं,
नयी दुनिया बसाने को चलो एक साथ चलते हैं,
हमें जीवन का हर लम्हा तुम्हारे नाम करना है,
यही वादा निभाने को चलो एक साथ चलते हैं।

मैं कुछ लम्हा और तेरा साथ चाहता था,
आँखों में जो जम गयी वो बरसात चाहता था,
सुना हैं मुझे बहुत चाहती है वो मगर,
मैं उसकी जुबां से एक बार इज़हार चाहता था।

मैं ख़ामोशी तेरे मन की,
तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा…
मैं एक उलझा लम्हा,
तू रूठा हुआ हालात मेरा…

इश्क हो तो सदिया लम्हो में कट जाती है,
और लम्हे सदियो में नहीं कटते.l

यादें करवट बदल रही हैं
और मैं तनहा तनहा सा हूँ,
वक़्त भी जिससे रूठ गया है
मैं वो बेबस लम्हा हूँ।

तुमसे दूरी का एहसास जब सताने लगा,
तेरे साथ गुज़ारा हर लम्हा याद आने लगा,
जब भी कोशिश की तुम्हें भुलाने की,
तू और भी इस दिल के करीब आने लगा।

लम्हा लम्हा रोज़ सँवरने वाला तू,
लम्हा लम्हा लम्हा रोज़ बिखरने वाला मैं.

Lamha Shayari

मेरा हर लम्हा चुरा लिया आपने,
आँखों को एक चाँद दिया आपने,
हमें जिंदगी दी और किसी ने,
पर प्यार इतना देकर जीना सिखा दिया आपने।

एक उम्र है जो तेरे बगैर गुज़ारनी है,
और एक लम्हा भी तेरे बगैर गुज़रता नही…

मेरी ज़िन्दगी में एक ऐसा शक्श भी है,
जो मेरी पूरी ज़िन्दगी है
और मै उसका एक लम्हा भी नही.

तेरी आवाज़ सुनने को तरश्ता है दिल मेरा,
तेरी एक झलक पाने को बेकरार है दिल मेरा,
अपनी ज़िन्दगी का हर लम्हा तेरे साथ गुज़ारू,
हर पल बस यही चाहता है दिल मेरा।

सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उनमे और हममे,
सारी महफ़िल भूल गए वह चेहरा याद रहा ।

दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बैठे,
यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बैठे,
वो हमे एक लम्हा न दे पाए प्यार का,
और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बैठे।

हर लम्हा अपनी पलकों पर बिठाया तुझे,
फिर भी ये इश्क़ मेरा न रास आया तुझे,
किस्मत की भी है यह अजीब दास्ताँ,
कभी हंसाया तो कभी रुलाया मुझे.

अकसर गुमसुम रहने वाला नग्मा हूँ मैं,
आपकी यादो में रहने वाला लम्हा हूँ मैं,
आप मेरी जान हो तो एक बात बताओ,
आपके होते हुए भी क्यों तन्हा हूँ मैं।

न जाने क्यूँ वक़्त इस तरह गुजर जाता है,
जो वक़्त था वो पलट कर सामने आता है,
और जिस वक़्त को हम दिल से पाना चाहते हैं,
वो तो बस एक लम्हा बनकर बीत जाता है।

Lamha Shayari

लाख बंदिशें लगा ले दुनिया हम पर,
मगर हम दिल पर काबू नहीं कर पाएंगे,
वो लम्हा आखिरी होगा जीवन का हमारा,
जिस दिन हम यार तुझको भूल जायेंगे।

इस दिल को अगर तेरा एहसास नहीं होता,
तो दूर भी रह कर के यूँ पास नहीं होता,
इस दिल ने तेरी चाहत कुछ ऐसे बसा ली है,
एक लम्हा भी तुझ बिन कुछ खास नहीं होता।

एक लम्हा खुद को भी
देना कभी वक्त निकालकर,
शायद तुमसे नाराज
तुमसे और कोई भी ना हो.

तेरा मिलना, मेरे लिए ख्वाब सा सही,
पर तुझे भूलूँ मैं ऐसा
कोई लम्हा मेरे पास नहीं।

ख्यालों का कोहरा कुछ यादों की धुंध,
चाय की चुस्की और थोडी सी तुम.

हमने ही बरसों लगा दिए,
वरना एक लम्हा काफी था
तुझे भूल जाने को।

मैंने उस शख्स को
कभी हासिल ही नहीं किया,
फिर भी हर लम्हा लगता है
कि, मैंने उसे खो दिया…..

मेरा हर लम्हा चुराया आपने,
आँखों को एक ख्वाब दिखाया आपने,
हमें ज़िन्दगी दी किसी और ने,
पर प्यार में जीना सिखाया आपने.

ख्यालों में बीत रहा, हर लम्हा तेरा है,
असलियत भी तेरी थी, ख्याल भी तेरा है।

मैंने उसे कभी हासिल ही नही किया
फिर भी लगता है
हर लम्हा कि मैने उसे खो दिया.

मैं वक़्त बन जाऊं,
तू बन जाना कोई लम्हा…
मैं तुझमे गुज़र जाऊं,
तू मुझमें गुज़र जाना…

अगर जिंदगी में जुदाई ना होती,
तो कभी किसी की याद आई ना होती,
साथ ही गुजरता हर लम्हा तो शायद,
रिश्तों में इतनी गहराई ना होती.

वो लम्हा लम्हा हम में घुलती रही,
तुम बेपरवाह सदा तुम ही रहे।

बंधी है हाँथ में सबके घडीयाँ मगर,
पकड़ में एक भी लम्हा भी नहीं.

वो मेरी पूरी जिंदगी है…
क्या मैं उसका,
एक लम्हा भी नहीं।

क्या बताऊँ कैसे खुद को दर-ब-दर मैंने किया,
उम्र भर किस किस के हिस्से का सफ़र मैंने किया,
तू तो नफरत भी न कर पायेगा इस शिद्दत के साथ,
जिस बला का प्यार बेखबर तुझसे मैंने किया।

एक तो तेरी आवाज़ याद आएगी,
तेरी कही हुई हर बात याद आएगी,
दिन ढल जायेगा, रात को याद आएगी,
हर लम्हा पहली मुलाकात याद आएगी.

लम्हा भर मिल कर रूठने वाले,
ज़िंदगी भर की दास्तान है तू ।

अगर जिंदगी में जुदाई ना होती;
तो कभी किसी की याद आई ना होती;
साथ ही गुजरता हर लम्हा तो शायद;
रिश्तों में इतनी गहराई ना होती।!!!!

फुरसत के लम्हों का खिलौना बना कर,
वो हमको लुभाते हैं,
जब उनका दिल करे तब आते है,
नही तो छुप जाते है.

जन्नत का हर लम्हा…दीदार किया था
गोद मे उठाकर जब मॉ ने प्यार किया।

एक लम्हा युगों से है ज़िन्दा,
कौन कहता है दुनिया फ़ानी है.

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले,
लौट कर यादें आती है वक़्त नहीं.

दिल की धड़कनो को एक लम्हा सब्र नहीं,
शायद उसको अब मेरी ज़रा भी कदर नहीं,
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो,
अब सफर तो हैं मगर वो हमसफ़र नहीं।

याद जब आती है तुम्हारी तो सिहर जाता हूँ मैं,
देख कर साया तुम्हारा अब तो डर जाता हूँ मैं,
अब न पाने की तमन्ना है न खोने का डर,
जाने क्यूँ अपनी ही चाहत से मुकर जाता हूँ मैं।

हैं दर्द सीने में मगर
होंठों पे जज़्बात नहीं आते,
आखिर क्यों वापिस वो
बीते हुए लम्हात नहीं आते.

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