100+ Best of Bhagat Singh Quotes

“100+ Best of Bhagat Singh Quotes: Immerse yourself in the inspiring words of one of India’s most iconic freedom fighters. Bhagat Singh’s courage, patriotism, and revolutionary spirit shine through in this powerful collection of quotes. From his thoughts on liberty and sacrifice to his vision for a free and just India, these quotes reflect the unwavering determination of a young revolutionary who fearlessly fought for independence. Whether you seek motivation, historical insights, or a deeper understanding of India’s freedom struggle, these quotes will resonate with your soul. Experience the legacy of a true hero whose ideas continue to ignite the flame of patriotism in the hearts of generations to come. Through his words, Bhagat Singh’s spirit lives on, inspiring us to uphold the values of freedom, equality, and justice.”

Bhagat Singh Quotes

जिन्दगी सिर्फ अपने कन्धों पर जी जाती है
दूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते है

इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज्बातों से
अगर में इश्क लिखना भी चाहूँ
तो इंकलाब लिखा जाता है

बम और पिस्तौल से क्रांति नहीं आती
क्रांति की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है

लिख रहा हूँ अंजाम जिसका कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लायेगा

हवा में रहेगी, मेरे ख्याल की बिजली,
ये मुस्ते खाक है फानी, रहे ना रहे

राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है
मैं एक ऐसा पागल हूँ, जो जेल में भी आजाद है

सरफरोशी की तम्मना अब हमारे दिल में है
देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है

तर्क किये बिना किसी भी बात को आँख मूंदकर
मान लेना भी एक प्रकार की गुलामी है

मैं इंसान हूँ और जो भी चीजें इंसानियत पर प्रभाव
डालती है मुझे उनसे फर्क पड़ता है

सब कुछ ख़त्म जब तक नहीं होता
जब तक आपका जीवन बचा हुआ है

मनुष्य का कर्तव्य है की वह कोशिश और प्रयास करे
सफलता मौके और वातावरण पर निर्भर करती है

इन्सान तभी कुछ करता है
जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है
जैसा की हम विधानसभा में बम फेंकने को लेकर थे

दुल्हन, मेरी दुल्हन नहीं होगी
आजादी ही मेरी दुल्हन होगी

देशभक्तों को
अक्सर लोग पागल कहते है

हमको कुचलने से
वे हमारे विचारों को
मार नहीं सकते है

इस संसार में हर इंसान का जन्मसिद्ध अधिकार है
उसकी स्वतंत्रता जिसे कोई ख़त्म नहीं कर सकता

मुसीबतें इंसान को पूर्ण बनाने का कार्य करती है
हर स्थिति में धेर्य बनाकर रखें

भगजो व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है
उसे हर एक रुढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी
उसमें अविश्वास करना होगा तथा
उसे चुनौती देनी होगी

कानून की पवित्रता केवल तब तक बनी रह सकती है
जब तक यह लोगों की अभिव्यक्ति हो

प्रेमी, पागल और कवि
एक ही चीज से बने होते है

अगर बहरों के कानों तक आवाज पहुंचानी है
तो आवाज बहुत जोरदार होनी चाहिए

मरकर भी मेरे दिल से वतन की उल्फत नहीं निकलेगी
मेरी मिट्टी से भी वतन की ही खुशबु आएगी

हमें यह स्पष्ट करना होगा की
क्रांति का मतलब केवल उथल – पुथल या
एक हिसक संघर्ष नहीं है

नास्तिक इसलिए नहीं हूँ की मुझे धर्म से नफरत है
नास्तिक इसलिए हूँ की धर्म को इंसानियत से नफरत है

मैं ख़ुशी से फांसी पर चढूंगा
और दुनिया को दिखाऊंगा की क्रांतिकारियों ने
कितनी बहादुरी के साथ खुद को बलिदान कर दिया

कह दो उन्हें
सीने पर जो जख्म है, सब फूलों के गुच्छे है
हमें पागल ही रहने दो हम पागल ही अच्छे है

निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार ये
क्रांतिकारी सोच के दो लक्षण है

बुराई इसलिए नहीं बढ़ती की बुरे लोग बढ़ गये है
बल्कि बुराई इसलिए बढ़ती है क्योंकि बुराई सहन
करने वाले लोग बढ़ गये है

अपने दुश्मन से बहस करने के लिये
उसका अभ्यास करना बहुत जरुरी है।

मेरा जीवन एक महान लक्ष्य के प्रति समर्पित है –
देश की आज़ादी। दुनिया की अन्य कोई आकर्षक
वस्तु मुझे लुभा नहीं सकती।

राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है।

मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है।

आलोचना और स्वतंत्र सोच एक क्रांतिकारी के दो अनिवार्य गुण हैं

वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों को नहीं मार सकते।

वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को कुचलने में सक्षम नहीं होंगे।

प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।

यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा।

बड़े बड़े साम्राज्य तहस नहस हो जाते हैं,

पर विचारों को कोई ध्वस्त नहीं कर सकता

बुराई इसलिए नहीं बढ़ रही है कि बुरे लोग बढ़ गए हैं।

बल्कि बुराई इसलिए बढ़ रही है क्योंकि बुराई सहन करने वाले लोग बढ़ गये हैं।

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