100+ Alone Shayari | अलोन शायरी इन हिंदी

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Alone Shayari in Hindi

कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम,

तुम्हारे बगैर अगर तुम देख लेते तो,

कभी तन्हा न छोड़ते मुझे !

न ढूंढ मेरा किरदार दुनिया की भीड़ में,

वफादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते हैं !

काश तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलों को,

किसी की साँसों में समाकर उसे तन्हा नहीं करते !

अकेला हूँ पर मुस्कुराता बहुत हूँ,

खुद का साथ बड़ी शिद्दत से दे रहा हूँ !

मुझको मेरे अकेलेपन से अब,

शिकायत नहीं है मैं पत्थर हूँ मुझे,

खुद से भी मुहब्बत नहीं है !

मेने बंद कर दिया दिखाना की,

मुझे हर्ट होता है क्यूंकि मेरी,

फीलिंग्स समझने वाला कोई नहीं है !

एक तुम्हीं थे जिसके दम पे चलती थी साँसें मेरी,

लौट आओ जिंदगी से वफा निभाई नहीं जाती !

वो मन बना चुके थे हमे छोड़ जाने का,

किस्मत तो सिर्फ उनके लिए एक बहाना था !

कुदरत के इन हसीन नजारों का हम क्या करें,

तुम साथ नहीं तो इन चाँद सितारों का क्या करें !

अकेले ही सहना अकेले ही रहना होता है,

अकेलेपन का हर एक आँसू अकेले ही पीना होता है !

आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद लगता है,

साथ हैं सब मगर दिल क्यों अकेला सा लगता है !

अलोन शायरी in Hindi

तुझसे दूर जाने के बाद तन्हा तो हूँ लेकिन,

तसल्ली बस इतनी सी है,

अब कोई फरेब साथ नहीं !

शायद वो बेहतर की तलाश में है,

और हम तो अच्छे भी नही है !

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,

आखरी सास तक तेरा इंतजार करू !

जो अकेले रहना सीख जाते है,

उन्हें फिर किसी और की जरुरत नहीं पड़ती !

हालात खराब हो तो अपने ही,

गैरो के जैसा बर्ताव करने लगते है !

यूँ तो हर रंग का मौसम मुझसे वाकिफ है मगर,

रात की तन्हाई मुझे कुछ अलग ही जानती है !

बारिश की हर एक बूंद को पता है

कि अकेलापन क्या होता है !

बस मेरी एक आखरी दुआ कबूल हो जाए

इस टूटे दिल से तेरी यादे दूर हो जाए !

कहने लगी है अब तो मेरी तन्हाई भी मुझसे

मुझसे कर लो मोहब्बत मैं तो बेवफा भी नहीं !

खुद से ही बातें हो जाती है अब तो,

लोग वैसे भी कहा सुनते है आज कल !

ए दिल जिसके दिल में तेरे लिए

कोई जगह ही नहीं है,

वही तेरे लिए खास क्यों है !

जिंदगी में कुछ गलत लोगों ने,

आकर हमें जिंदगी का,

सही सबक सिखा दिया !

छुपी होती है लफ्जों में गेहरी राज की बातें,

लोग शायरी या मजाक समझ के बस मुस्कुरा देते हैं !

अब वही होगा जो दिल चाहेगा,

आगे जो होगा देखा जायेगा !

बहुत सोचा बहुत समझा बहुत ही देर तक परखा,
कि तन्हा हो के जी लेना मोहब्बत से तो बेहतर है।

अकेले रोना भी क्या खूब कारीगरी है,
सवाल भी खुद के होते है और जवाब भी खुद के।

अकेलेपन का भी अपना ही मज़ा है,
जो न समझे इसे उसके लिए सजा है,
अज़ीब सी तक़दीर लिखीं है मेरी खुदा ने,
सफ़र ही सफ़र लिखा है हमसफ़र कोई नहीं।

तेरी यादों से घिरी है मेरी तनहाईयाँ,
मेरे साथ होती है तेरी परछाईयाँ,
नहीं गुजरता इक पल भी तेरे बिन,
पल पल याद आती है तेरी नादानीयाँ।

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