Papa Ke Liye Shayari | पिताजी पर शायरी स्टेटस

Papa Ke Liye Shayari:Here, you’ll find heartfelt Shayari and status photos for Dad that you can share on social media. Fathers, the ones who sacrifice everything for their children, deserve these touching expressions. This collection includes the best dad status in Hindi and images to strengthen your bond.

Papa Ke Liye Shayari

पिता हारकर बाज़ी हमेशा मुस्कुराया,
शतरंज की उस जीत को मैं अब समझ पाया

मेरी हर ख्वाहिश पूरी होती है,
क्योंकि पिता मेरे हरदम साथ जो होते है।

पापा का प्यार चाँद की तरह होता है
जो रहते तो हमेशा साथ में हैं
बस महेसुस रात के अँधेरे में होते हैं

दिल के हर कोने में है आपके होने का आभास
गालों पर आपके हाथों की वह थपकी
दूर रहकर भी कराती है आपके पास होने का एहसास।

चार दिन भी कोई दूसरा नहीं निभा सकता जो
किरदार “पिता” पूरी जिंदगी निभाता है।

मैं क्या छिपाऊ उनसे,
मेरी हंसी खुशी वो सब जानते हैं,
वो है पापा मेरे
जो मुझे मुझसे बेहतर जानते हैं।

खुशिया जहाँ की सारी मिल जाती है,
जब पापा की गोद में झपकी मिल जाती है।

सुबह मेरे उठने से पहले चले जाते,
मेरे सो जाने के बाद घर आते,
दिन रात काम कर के सारे जहां की
खुशियां घर लेकर आते जो, पिता है मेरे।

मेरे पापा एक ऐसा medical store है
जहाँ हर दर्द की दवा मुक्त मिलती है।

सबसे खुशकिस्मत है वह इंसान,
जिसके पास है पिता के प्यार की बेशुमार दौलत।

छुड़ा के उंगली पापा ने ये सलाह दी,
अकेले चला कर बेटे सहारे ठीक नहीं होते

संघर्ष की बड़ी बड़ी व्याख्याएँ कर रहे थे सभी,
मैंने “पिता” लिखकर सबको मौन कर दिया

भूखा नहीं सोया कभी मजबूर बनकर
अपने सपने बेचकर खिलाया बाप ने मजदूर बनकर।

पिताजी पर लिख पाऊं,
ऐसा अल्फाज कहां से लाऊं,
मेरी जेब तो आज भी उनके
दिए सिक्कों से भरती है।

बेनाम रही जिसकी शख़्सियत ताउम्र,
उस शख़्स ने हर क़िरदार बाख़ूब निभाए हैं।

पिता वह कुम्हार है,
जो अपनी डांट से ठोक-पीटकर
बच्चों को अच्छा इंसान बनाता है।

मुझे रख दिया छाँव में खुद जलते रहे धूप में,
मैंने देखा है ऐसा एक फरिश्ता अपने पिता के रूप में

हाथ पकड़ कर रखना
हमेशा बाप का,
किसी के पैरों को
पकड़ने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

नहीं समझ पा रहा हूँ कैसे करू तारीफ आपकी
वो लफ्ज नहीं है मेरे पास जो एहमियत बता सके आपकी।

उनको समझ नहीं पाया मैं, वो भूल थी मेरी,
आज बना हूं पिता तो सब समझ में आता है,
कि पिता की है हर डांट में प्यार छुपा होता है

खुश रखने वाला इंसान देखा है,
मैंने मेरे पापा में भगवान देखा है।

दुनिया के तानों ने जब-जब की मुझे गिराने की कोशिश,
पिता के मजबूत हाथों ने थामा है हाथ मेरा।

मेरे लिए किस्मत से भी लड़ जाते हो
मेरे पास कोई दुख आ न सके
कोई धुप मुझे मुरझा ना सके
मेरे साया बनके साथ चलते हो
लव यू मेरे पापा।

मेरा साहस मेरा सम्मान है पिता
मेरी ताकत मेरी पहचान है पिता
शायद रब ने भेजा फल ये अच्छे कर्मों का
उसकी रहमत उसका है वरदान पिता।

पिताजी पर शायरी स्टेटस

कभी हँसी और ख़ुशी का मेला है पिता
कभी कितना अकेला और तन्हा है पिता
माँ तो कह देती है अपने दिल की बात
सब कुछ समेट के आसमान सा फैला है पिता।

बेमतलब सी दुनिया में वो ही हमारी शान है,
किसी शख्स के वजूद ही पिता की पहली पहचान है

जिस हाथ को थामकर सीखा था चलना कभी,
आज कैसे गए भूल हम उन कांपते हाथों को थामना?

खुशियां मिलती अपार,
सुकून मिलता अपार,
जब मिल जाता है,
बस पापा का प्यार।

चलो आओ कुछ जीवन में नया रंग भरते हैं
माँ-बाबा के लिए अपने जीवन को सर्वस्त्र करते हैं
सब करते हैं दुनिया के लिए
आओ हम कुछ माँ-बाबा के लिए करते हैं।

नसीब वाले होते है वो जिनके सर पर
पिता का हाथ होता है,
परेशानियां कम हो जाती है सब जब
पिता का घर में वास होता है।

इन्हे देखना न भूलें

पापा के होने से घर में कोई गम नहीं,
अगर मां अतुलनीय है तो पिता भी कम नहीं।

जिससे सब कुछ पाया है,
जिसने सब कुछ सिखलाया है,
कोटि नमन ऐसे पापा को
जो हर पल साथ निभाया है।

अपनी दुनिया में आकर पता चला,
मेरी खुशियों के लिए कितना
कुछ कुर्बान किया होगा आपने पापा।

जन्नत के धरती पर दीदार कराने वाले,
कोई और नहीं पिताजी है मेरे।

मैं घर से निकला तो पता चला
कि मेरा कितना नाम है,
क्योंकि मेरे नाम के आगे
मेरे पापा का नाम है।

बेमतलब की दुनिया में वो हमारी शान है,
किसी शख्स के वजूद की ‘Pita’ ही पहली पहचान है।

नींद अपनी भुला के सुलाया हमको,
आंसू अपने गिरा के हास्य हमको,
दर्द कभी न देना उस खुदा की तस्वीर को,
ज़माने में बाप कहते है जिसको।

तुम्हारे हर सुख दुख में साथ रहून्गा,
जितना मुझे आपने दिया उससे कई गुना मैं आपको दून्गा।

जब तक पिता का रहता है साथ,
जिंदगी में नहीं पकड़ना पड़ता किसी का हाथ।

मन की बात जो पल में जान ले,
आंखों से जो हर बात पढ़ ले,
दर्द हो या खुशी, हर बात को पल में जान ले।
पापा ही तो है, जो आपको बेपनाह प्यार दे।

पिता बरगद का वह पेड़ है
जो सिर्फ देना जानता है।

रब से है बस एक ही दुआ,
मेरे पापा रहे सदा खुश,
दूर रहे उनसे हर बदुआ।

मुझे नहीं पता ऊपर वाले ने मेरे तक़दीर में क्या लिखा,
अगर पिता का प्यार नहीं लिखा तो कुछ नहीं लिखा।

मैने उनका हाँथ थामना चाहा
चलते-चलते फ़िर देखा
पहले से ही मेरे पापा ने
मेरा हाँथ थाम रखा था।

पिता नारियल की तरह होता है,
ऊपर से कड़क जरूर होता है,
पर अंदर से नरम होता है।

हीरो तो कोई भी बन सकता है,
लेकिन अपनी खुशियों का दान करके,
पिता जैसा भगवान कोई नहीं बन सकता।

नसीब वाले हैं जिनके सर पर पिता का हाथ होता हैं,
ज़िद पूरी हो जाती हैं सब गर पिता का साथ होता हैं।

मेरी रब से एक गुज़ारिश है,
छोटी सी लगानी एक सिफारिश है,
रहे जीवन भर खुश मेरे पापा
बस इतनी सी मेरी ख्वाहिश है।

पापा का प्यार
चाँद की तरह होता है।
जो रहते तो हमेशा साथ
बस महेसुस रात के अँधेरे में होते है

अपनेपन का पाठ वो सिखाते हैं,
आखिर पिता हैं वो इसलिए बस
प्यार की बात वो बताते हैं ।

न रात दिखाई देती है,
न दिन दिखाई देते हैं,
पिता को तो बस परिवार के,
हालात दिखाई देते हैं।

पापा के सबक को जब-जब मैंने नहीं सुना,
तब-तब मुसीबतों का पहाड़ मुझ पर टूटा,
जब सबने साथ देने से कर दिया इनकार,
तब पिता के कांपते हाथों ने ही दिया था सहारा।

पिता की मौजूदगी सूरज
की तरह होती है सूरज
गर्म तो जरूर होता है लेकिन
ना हो तो अंधेरां छा जाता है।

जो हिम्मत हारने पर देते हैं साहस,
असफल होने पर बताते हैं सफलता का रास्ता,
दुख के हर पल को भी बना देते हैं खुशनुमा,
वह और कोई नहीं, वे हैं मेरे पापा।

बिता देता है एक उम्र, औलाद की हर आरजू पूरी करने में,
उसी पिता के कई सपने बुढ़ापे में लावारिस हो जाते हैं।

खुशियों से भरा हर पल होता है
जिन्दगी में सुनहरा हर कल होता है
मिलती है कामयाबी उनको
जिनके सर पर पिता का हाथ होता है।

प्यारे पापा के प्यार भरे सीने से जो लग जाते हैं,
सच कहती हूँ विश्वास करो, जीवन में सदा सुख पाते हैं।

मेरे होठों की हँसी मेरे पापा की बदोलत है,
मेरी आँखों में खुशी मेरे पापा की बदोलत है,
पापा किसी खुदा से कम नही क्योकि,
मेरी ज़िन्दगी की सारी खुशी पापा की बदोलत है।

मंज़िल दूर और सफ़र बहुत है,
छोटी सी जिन्दगी की फिकर बहुत है,
मार डालती ये दुनिया कब की हमे,
लेकिन “पापा ” के प्यार में असर बहुत है।

पिता के बिना जिंदगी वीरान है,
सफर तन्हा और राह सुनसान है,
वही मेरी जमीं वही आसमान है,
वही खुदा वही मेरा भगवान है।

पिता की नजरें थोड़ी शक्की होती हैं,
पर उनके गुस्से में बेटे की तरक्की होती हैं।

कभी हँसी और ख़ुशी का मेला है पिता,
कभी कितना अकेला और तन्हा है पिता,
माँ तो कह देती है अपने दिल की बात,
सब कुछ समेट के आसमान सा फैला है पिता।

दुनिया की भीड़ में सबसे करिब जो है वो,
मेरे पापा खुदा मेरी तक़दीर वो है।

वही श्रवण कुमार बन पायेंगें,
जो पिता के एहसानों का कर्ज चुकायेंगे।

वो जमीन मेरी वो ही आसमान है,
वो खुदा मेरा वो ही भगवान है,
क्यों मैं जाऊं उसे कहीं छोड़ के,
पापा के कदमों में सारा जहान है।

नींद अपनी भुला के सुलाया हमकों,
आंसू अपने गिरा के हँसाया हमको,
लिए गोद में झुलाया हमको,
जीवन की हर ख़ुशी से पापा आपने मिलाया हमकों।

जो हिम्मत हारने पर देते हैं साहस,
असफल होने पर बताते हैं सफलता का रास्ता,
दुख के हर पल को भी बना देते हैं खुशनुमा,
वह और कोई नहीं, मेरे पापा ही तो हैं।

अपने बच्चो की ख्वाहिशो को पूरा करते करते,
उस पिता ने खुद को कितना खो दिया पता ही नहीं चला।

आज भी मेरी फरमाइशें कम नही होती,
तंगी के आलम में भी, पापा की आँखें कभी नम नहीं होती।

एक पिता और बेटे के बीच में बहुत गहरा प्यार होता है,
पिता जता नहीं पाता और बेटा समझ नहीं पाता,
जब तक समझते है तब तक बहुत देर हो जाती है।

हीरो तो कोई भी बन सकता है,
लेकिन अपनी खुशियों का दान करके,
पिता जैसा भगवान कोई नहीं बन सकता।

मतलब की इस दुनिया में वह पिता ही तो है,
जो औलाद को बेमतलब प्यार करता है।

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