100+Intezaar Shayari in Hindi | इंतजार शायरी इन हिंदी

“100+ Intezaar Shayari” is a captivating collection of poetic verses that delve into the emotions and sentiments surrounding the theme of waiting. With over a hundred Shayari compositions, this anthology explores the yearning, anticipation, and patience that come with waiting for someone or something. Each Shayari piece beautifully encapsulates the essence of longing and the complexities of waiting, making it a valuable resource for those who appreciate the art of expressing emotions through poetry. Whether you’re waiting for love, success, or something else, this collection provides a heartfelt and expressive journey through the world of Intezaar Shayari.

कभी कभी एक दिन का इंतजार,

सालों जैसा लगता है !!

मिलने का मज़ा अक्सर !

इंतज़ार के बाद ही आता है !!

हालात कह रहे है की अब मुलाक़ात नहीं होगी,

उम्मीद कह रही है जरा इन्तेज़ार कर ले !!

दो तरह के आशिक होते हैं,

एक हासिल करने वाले और दूसरे इंतज़ार करने वाले !

उसके ना की उम्मीद तो नहीं,

फिर भी उसका इंतज़ार किये जा रहे हैं !

वो तारों की तरह रात भर चमकते रहे,

हम चाँद से तन्हा सफ़र करते रहे,

वो तो बीते वक़्त थे उन्हें आना न था,

हम यूँ ही सारी रात करवट बदलते रहे।

जिसका इंतज़ार शिद्दत से करोगे,

वही अक्सर नहीं आते !

इंतज़ार उनके आने का खत्म न हुआ,

हम हर एक आहत में उनको ही ढूंढते हैं !

एक मुलाकात की आस में मैं ज़िंदगी गुजार लूंगा,

तुम हां तो कहो तुम्हारे लिए उम्र भर इंतज़ार करूंगा !

उल्फ़त के मारों से ना पूछो आलम इंतज़ार का,

पतझड़ सी है ज़िन्दगी और ख्याल है बहार का !

मुझको अब तुझ से मोहब्बत नहीं रही,

ऐ ज़िन्दगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही,

बुझ गये अब उसके इंतज़ार के वो दीये,

कहीं आस-पास भी उस की आहट नहीं रही।

किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इन्तजार को तुम्हें,

बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूँढता है खामोशी से तुझे !

झुकी हुई पलकों से उनका दीदार किया,

सब कुछ भुला के उनका इंतजार किया

वो जान ही न पाए जज्बात मेरे,

मैंने सबसे ज्यादा जिन्हें प्यार किया !

आंखों का इंतज़ार तुम पर आकर ही तो खत्म होता है,

फिर चाहे वो हकीकत हो या ख्वाब !

इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,

खामोशियों की अब आदत हो गयी है !

वो न आयेगा हमें मालूम था,

मगर कुछ सोच कर करते रहे इंतज़ार उसका !

फरियाद कर रही है यह तरसी हुई निगाह,

देखे हुए किसी को ज़माना गुजर गया !

पल भर का प्यार और बरसों का इंतज़ार,

जैसे कोई अपना ही अपने घर को लूट रहा है !

संभव ना हो तो साफ मना कर दें,

पर किसी को अपने लिए इंतजार ना करवाएं !

मैं आज भी तेरा इन्तजार कर रहा हूँ,

बस एक बार लौट आओ मेरे पास !

किसी रोज होगी रोशन मेरी भी जिंदगी,

इंतजार सुबह का नहीं तेरे लौट आने का है !

वो न आएगा हमें मालूम था,

कुछ सोच कर इंतजार करते रहे !

Intezaar Shayari in Hindi

हर वक्त तेरा इंतजार रहता है,

तेरे लिए सनम हम बेकरार रहते हैं,

मुझे पता है तू नहीं किस्मत में मेरी,

फिर भी ना जाने क्यों तेरा इंतजार रहता है !

ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता

अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता

इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के

अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के

न कोई वा’दा न कोई यक़ीं न कोई उमीद

मगर हमें तो तिरा इंतिज़ार करना था

कौन आएगा यहाँ कोई न आया होगा

मेरा दरवाज़ा हवाओं ने हिलाया होगा

हमें भी आज ही करना था इंतिज़ार उस का

उसे भी आज ही सब वादे भूल जाने थे

कहीं वो आ के मिटा दें न इंतिज़ार का लुत्फ़

कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी

अब इन हुदूद में लाया है इंतिज़ार मुझे

वो आ भी जाएँ तो आए न ए’तिबार मुझे

अब कौन मुंतज़िर है हमारे लिए वहाँ

शाम आ गई है लौट के घर जाएँ हम तो क्या

तमाम जिस्म को आँखें बना के राह तको

तमाम खेल मोहब्बत में इंतिज़ार का है

तन्हाइयाँ तुम्हारा पता पूछती रहीं

शब-भर तुम्हारी याद ने सोने नहीं दिया

आधी से ज़ियादा शब-ए-ग़म काट चुका हूँ

अब भी अगर आ जाओ तो ये रात बड़ी है

मुद्दत से ख़्वाब में भी नहीं नींद का ख़याल

हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतिज़ार है

कमाल-ए-इश्क़ तो देखो वो आ गए लेकिन

वही है शौक़ वही इंतिज़ार बाक़ी है

अब जो पत्थर है आदमी था कभी

इस को कहते हैं इंतिज़ार मियाँ

फिर बैठे बैठे वादा-ए-वस्ल उस ने कर लिया

फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतिज़ार का

इसी ख़याल में हर शाम-ए-इंतिज़ार कटी

वो आ रहे हैं वो आए वो आए जाते हैं

अंदाज़ हू-ब-हू तिरी आवाज़-ए-पा का था

देखा निकल के घर से तो झोंका हवा का था

हैराँ हूँ इस क़दर कि शब-ए-वस्ल भी मुझे

तू सामने है और तिरा इंतिज़ार है

ये और बात कि उन को यक़ीं नहीं आया

प कोई बात तो बरसों में हम ने की यारो

हज़ार रंग-ब-दामाँ सही मगर दुनिया

बस एक सिलसिला-ए-एतिबार है, क्या है

तेरे इंतज़ार में हूँ, रातें लम्बी हैं, चाँदनी से मिलने का इंतज़ार करता हूँ।

तेरी मुस्कान का इंतज़ार कर रहा हूँ, राहों में खड़ा हूँ, बरसात का इंतज़ार करता हूँ।

बैराग की राह में हूँ, दिल बेहद उदास, तेरे साथ बिताए पलों का इंतज़ार करता हूँ।

सुना है रातें लम्बी हैं इंतज़ार में, मैं भी तेरे आने का इंतज़ार करता हूँ।

तेरे बिना जीना मुश्किल हो गया है, हर लम्हा तेरे साथ का इंतज़ार करता हूँ।

इंतज़ार में बिताए हर पल की कहानी है, दिल बेहद उम्मीदों से सजा हूँ।

चाँद की रातों में बैठा हूँ इंतज़ार में, तेरी मुलाकात का इंतज़ार करता हूँ।

बेरुक़ी रातों में हूँ, तेरे बिना जी नहीं सकता, तेरी बातों का इंतज़ार करता हूँ।

तेरे आने का इंतज़ार करता हूँ, राहों में तेरी मुस्कान का सफर करता हूँ।

दिल में है तेरे लिए बेहद प्यार, तेरे आने का हर दिन करता हूँ इंतज़ार।

चाँदनी रातें हैं लम्बी, दिल है बेहाल, तेरे साथ बिताए पलों का इंतज़ार करता हूँ।

तेरी आँखों में बसा है वो सवारी, जिसका हर पल करता हूँ मैं इंतज़ार।

तेरे साथ बिताए हर लम्हे की तलाश है, रातें लम्बी हैं, मैं इंतज़ार करता हूँ।

राहों में खड़ा हूँ, तेरी राहों का इंतज़ार करता हूँ, चाँदनी रातों में हूँ, तेरे साथ बिताए पलों का इंतज़ार करता हूँ।

इंतज़ार में बिताए हर पल की कहानी है, दिल बेहद उम्मीदों से सजा हूँ।

तेरी ये बातें छुपी हैं मेरी सोचों में, तेरे बिना हर दिन है इंतज़ार करता हूँ।

रातें हैं सुनसान, चाँद भी है उदास, तेरे साथ बिताए पलों का इंतज़ार करता हूँ।

तेरे बिना जीना लगता है सुना, तेरी बातों का हर पल करता हूँ इंतज़ार।

रातें हैं सन्नाटे से भरी, दिल है बेहद उदास, बिना तेरे सब कुछ है खाली।

चाँदनी रातों में हूँ, तेरे साथ का इंतज़ार करता हूँ, बिना तेरे ये दुनिया है बेहद उदास।

दिल की गहराइयों में छुपा है तेरा इंतज़ार, रातें हैं सुनसान, दिल है बेहद उदास।

रूठा है ये जहाँ, मन है बेहाल, तेरे बिना हर पल है बेहद उदास।

तेरे इंतज़ार में हूँ, रातें लम्बी हैं, चाँदनी से मिलने का इंतज़ार करता हूँ।

दिल है उदास, मन है बेहाल, तेरे बिना सब कुछ है खाली।

तेरी बिना ये दिन लगते हैं सुने, हर पल है बिना तेरे मुश्किल।

रातें हैं लम्बी, तन्हाई है बेहद, तेरे बिना ये जहाँ लगता है सुना।

छूपा लिया है दिल में तेरी ये बेइंतेहा ग़म, बिना तेरे ये दुनिया है बेहद उदास।

तेरे बिना है जीवन सुना, हर लम्हा है बिना तेरे मुश्किल।

दिल की दहलीज़़ों में है बसा हुआ दर्द, बिना तेरे हर पल है बेहद कठिन।

तेरे बिना जीना लगता है सुना, तेरे बिना हर पल है बेहद कठिन।

तेरी बेवफाई का इलाज करना मुश्किल, बिना तेरे ये ज़िन्दगी है बेहद सुनी।

दिल है उदास, रातें हैं सुनसान, तेरे बिना सब कुछ है बेहद कठिन।

तेरी मुस्कान से जुदा हो गई है खुशियाँ, बिना तेरे, सब कुछ लगता है बेहाल।

रातें हैं लम्बी, तन्हाई है बेहद, तेरे बिना ये जहाँ लगता है सुना।

छूपा लिया है दिल में तेरी ये बेइंतेहा ग़म, बिना तेरे ये दुनिया है बेहद उदास।

दिल की गहराइयों में है बसा हुआ दर्द, बिना तेरे हर पल है बेहद कठिन।

इंतजार में बैठा हूँ तेरी, रातें काट रहा हूँ ये जानकर, तू आएगी कभी तो सोचना, इंतजार में ही जी रहा हूँ मैं।

दिल की दहलीज़़ों में बसी है तेरी आशा,

रातें बीतती हैं बस इंतजार में,

ख्वाबों में तेरी मुस्कान हो जाए,

यही है आरज़ू, इंतजार में हूँ बस मैं।

राहों में तेरे खड़ा हूँ इंतजार में,

हर पल बस यही देखता हूँ बार-बार,

मेरी रूह कर रही है तेरे बिना बेहाल,

खुदा से बस यही दुआ है, तू जल्दी आ जा।

बैठे हैं रातें भर तेरे इंतजार में,

हर सांस में है बस एक आस है,

बोल दूँ तुझसे, मगर है डर कहाँ से,

इंतजार में हूँ बस तेरे यार में।

राहों में हैं बिछी बर्फबारी,

दिल मेरा कह रहा है,

तू कहाँ है, इंतजार में हूँ, तेरी बातों का,

जल्दी से आ जा, मेरा इंतजार है।

रातें बीतती हैं लम्बी-लम्बी,

इंतजार में हूँ तेरे प्यार का,

आएगा कभी तो सही,

मगर बस इंतजार में ही हूँ मैं।

सोचता हूँ तुझे रात-दिन,

इंतजार में हूँ तेरे बिना,

कब तक ये रातें कटेंगी,

बस तेरे साथ बिताने का है इंतजार मैं।

बैठा हूँ यहाँ तेरे इंतजार में, हर पल है दिल बेकरार में, तू आएगा कभी तो सोचो, इंतजार में हूँ ये बेकरार मैं।

रात का साया है तेरे इंतजार में, चाँदनी रातों में बसी है एक बात, तू आएगा मेरी जिन्दगी में, इंतजार में हूँ ये रात में।

राहों में हैं बिछी रेशमी रातें, इंतजार में हूँ मैं बस तेरे बिना, तेरा इंतजार करता हूँ रोज़, बस तू आ जा, मेरा इंतजार करता हूँ मैं।

रात की तन्हाई में बैठा हूँ, तेरे आने का इंतजार करता हूँ, चाँदनी से मिलकर कह दो एक बार, तुम मेरे साथ हो, बस यही चाहता हूँ।

दिल की धड़कन बढ़ती है तेरे इंतजार में, हर क्षण लगता है बे-कार में, तू आएगा कभी तो सोचना, इंतजार में हूँ, बेहद प्यार में।

रात की रौशनी में बैठा हूँ, तेरे साथ होने का इंतजार करता हूँ, चाँदनी से कह दो रात गुजरे जल्दी, तू आएगा तो सवेरा आएगा।

राहों में बसी है तेरी बातों की खुशबू, दिल मेरा है बेहद उदास इंतजार में, तू आएगा कभी तो सही, मैं बस इंतजार में हूँ, यही तू समझा।

सितारों से तेरे मुलाकात का इंतजार है, रातें बीतती हैं बस तेरे इंतजार में, तू आएगा मेरे सपनों में, मैं हूँ यही उम्मीद में इंतजार में।

रात की गहराईयों में छुपा हूँ, तेरी आँखों का इंतजार करता हूँ, तू आएगा कभी तो यही रहूँगा, इंतजार में हूँ मैं, बे-साबरी से भरा।

रातें बीतती हैं सोचता हूँ तेरे बारे, तेरी मुस्कान में है सारा आलम, तू आएगा तो सब ठीक हो जाएगा, मैं हूँ यही सोचता हूँ, इंतजार में।

राहों में हैं बिछे हैं सपने, तेरे लिए हूँ मैं बस एक आस, तू आएगा कभी तो सोचो, इंतजार में हूँ, हर पल हूँ बे-बस।

रातों की चाँदनी में बैठा हूँ, तेरे साथ होने का इंतजार करता हूँ, चाँदनी से कह दो तुम आओ ना, मैं इंतजार में हूँ, हर पल हूँ बे-बस।

राहों में हैं बिछे हैं राज, तेरे लिए बस हूँ मैं इंतजार में, तू आएगा कभी तो तू बोलना, मैं हूँ यही सोचता हूँ, इंतजार में।

रातें बीतती हैं, मुझे तेरे इंतजार में, हर सुबह की किरना है तेरे प्यार में, आएगा कभी तो तू मेरे ख्वाबों में, मैं हूँ यही उम्मीदों में, इंतजार में।

रातों की सन्नाटा में बैठा हूँ, तेरे आने का सपना देखता हूँ, चाँदनी से कह दो, तू जल्दी आ, मैं हूँ इंतजार में, बे-सब्री में बसा हूँ।

राहों में बिछी हैं बर्फबारी, तेरे इंतजार में हूँ, बर्फी सी ठंडक, तू आएगा कभी तो सोचो, मैं हूँ यही सोचता हूँ, इंतजार में।

रात की गहराईयों में बैठा हूँ, तेरे आने का इंतजार करता हूँ, चाँदनी से कह दो रातें बीत रही हैं, मैं हूँ इंतजार में, हर पल हूँ बे-साबरी से भरा।

रात की रौशनी में बैठा हूँ, तेरे साथ होने का इंतजार करता हूँ, चाँदनी से कह दो रातें बीत जाएं, मैं हूँ इंतजार में, बे-कारार हूँ।

राहों में हूँ बिछा बैठा, तेरे इंतजार में हूँ, बेहद बे-करार, तू आएगा कभी तो सोचो, मैं हूँ इंतजार में, बेहद प्यार में।

रात की तन्हाई में बैठा हूँ, तेरे आने का इंतजार करता हूँ, चाँदनी से कह दो रात गुजरे जल्दी, मैं हूँ इंतजार में, बे-साबरी से भरा हूँ।

रातों की सन्नाटा में बैठा हूँ, तेरे आने का सपना देखता हूँ, चाँदनी से कह दो, तू जल्दी आ, मैं हूँ इंतजार में, बे-सब्री में बसा हूँ।

राहों में बिछी हैं बर्फबारी, तेरे इंतजार में हूँ, बर्फी सी ठंडक, तू आएगा कभी तो सोचो, मैं हूँ यही सोचता हूँ, इंतजार में।

रात की गहराईयों में बैठा हूँ,

तेरे आने का इंतजार करता हूँ,

चाँदनी से कह दो रातें बीत रही हैं,

मैं हूँ इंतजार में, हर पल हूँ बे-साबरी से भरा।

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