100+ Latest Khushboo Shayari

100+ Khushboo Shayari is a fragrant journey through the world of poetic scents. With over a hundred verses, this collection beautifully captures the essence of various fragrances and their impact on the senses and emotions. Each shayari is a delicate bouquet of words that evokes memories, sensations, and the magic of scents in our lives. Whether you’re a scent enthusiast or simply appreciate the power of aroma in invoking feelings and memories, this anthology offers a sensory experience that will transport you to the captivating world of khushboo (fragrance).

Khushboo Shayari

बडी खामोशी से भेजा था गुलाब उसको.

पर खुशबू ने शहर भर में तमाशा कर दिया.

गुलाब की खुशबू भी फीकी लगती है,

कौन सी खूशबू मुझमें बसा गई हो तुम,

जिंदगी है क्या तेरी चाहत के सिवा,

ये कैसा ख्वाब आंखों में दिखा गई हो तुम.

वक्त के मोड़ पे ये कैसा वक्त आया है

जख्म दिल का जुबाँ पर आया है,

न रोते थे कभी कांटो की चुभन से

आज न जाने क्यो फूलो की खुशबू से रोना आया है.

किनारे बैठी हूँ तेरी यादों के सहारे

हर लहर इक एहसास जगाती है

मुझे हवा से भी  तेरी ही खुशबू आती है.

खुशबू की तरह आया वो तेज हवाओं में,

माँगा था जिसे हमने दिन-रात दुआओं में.

बड़ी ख़ामोशी से भेजा था गुलाब उसको,

पर ख़ुशबू ने शहर भर में तमाशा कर दिया.

ख़ुशबू तेरी प्यार की मुझे महका जाती हैं,

तेरी हर बात मुझे बहका जाती हैं,

साँस तो बहुत देर लेती है आने में

हर साँस से पहले तेरी याद आती हैं.

हमसे दूर जाओगे कैसे,

दिल से हमें भुलाओगे कैसे,

हम वो ख़ुशबू है जो साँसों में बसते है

खुद की साँसों को रोक पाओगे कैसे.

तेरी यादों की ख़ुशबू से हम महकते रहते है,

जब-जब तुझको सोचते है, बहकते रहते हैं

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इक फूल है फूल किधर जायेगी,

बात खुशबुओं का है जो हवाओं में बिखर जायेगी.

सफर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,

नजर वहीं तक है जहाँ तक तुम हो,

हजारों फूल देखे हैं इस गुलशन में मगर,

खुशबू वहीं तक है जहाँ तक तुम हो.

ख़ुशबू-सी बेटियाँ जब गले लगती हैं,

तो रूह तक महक उठती हैं.

आपके प्यार के सुरूर में मैं कुछ ऐसा कर जाऊँगा,

बनकर ख़ुशबू हवा में फ़ैल जाऊँगा,

गर भूलना चाहोगे मुझे तो भूल ना पाओगे,

सांस लोगे तो मैं आपके दिल में उतर जाऊँगा.

दो दिन की जिन्दगी है, इसे दो उसूलों से जियो

रहो तो फूलों की तरह और बिखरों तो ख़ुशबू की तरह.

हवाँए हड़ताल पर है शायद,

आज तुम्हारी खुशबू नहीं आई.

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको,

खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको,

हम तो कुछ देने के काबिल नहीं है,

देने वाला हज़ार खुशिया दे आपको.

सिर्फ खुशबू रही, गुलाब नहीं,

तेरी यादों का भी जवाब नहीं.

जब जब में लेता हूँ साँस तू याद आती है,

मेरी हर एक साँस मे तेरी खुशबू बस जाती है,

कैसे कहूँ तेरे बिना मैं ज़िंदा हूँ,

क्यूंकी हर साँस से पहले तेरी खुशबू आती है.

तेरी सूरत भी अब खुशबू सी है,

दिखती तो नही पर महसूस करता हु.

सदाकत खुद-ब-खुद करती है शोहरत इस जमाने में..

कभी खुशबू भी कहती है,मुझे तुम सूंघ कर देखो

बड़ी ही खूबसूरत शाम हुआ करती थी वो तेरे साथ की

अब तक खुशबू नही गई, मेरी कलाई से तेरे हाथ की

शायद कायनात भी है गुलाम तुम्हारी,

तभी तो हर बदलता मौसम लिए आता है खुशबू तुम्हारी

ख़ुशबू ने फूल को एक अहसास बनाया,

फूल ने बाग़ को कुछ ख़ास बनाया,

चाहत ने मोहब्बत को एक प्यास बनाया,

और इस मोहब्बत ने एक और देवदास बनाया.

महसूस तो करते है मगर छू नहीं सकते,

तुम फूल नहीं, फूल की खुशबू की तरह हो.

Best  Khushboo Lines

तेरे हुनर में खिलावत -ऐ -खुशबू सही मगर 

काँटों को उम्र भर की चुभन कौन दे गया 

“मोहसिन” वो कायनात -ऐ -ग़ज़ल है उससे भी देख 

मुझ से न पूछ मुझ को यह फन कौन दे गया.

राख से भी आयेगी खुशबू मोहब्बत की,

मेरे ख़त को तुम यूँ सरेआम जलाया न करो.

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अपने किरदार को मौसम से बचाए रखना,

लौट कर फूलों में वापस नहीं आती खुशबू.

हम तो फूलों की तरह अपनी आदत से बेबस हैं

तोड़ने वाले को भी खुशबू की सजा देते है

खुशबू बनकर गुलों से उड़ा करते हैं,

धुआं बनकर पर्वतों से उड़ा करते हैं,

ये कैंचियाँ खाक हमें उड़ने से रोकेगी,

हम परों से नहीं हौसलों से उड़ा करते हैं.

तन्हाईयां जाने लगी जिंदगी मुस्कुराने लगी,

ना दिन का पता है ना रात का पता.

आप की दोस्ती की खुशबू हमे महकाने लगी,

एक पल तो करीब आ जाओ धड़कन भी आवाज़ लगाने लगी..

खुशबू कैसे ना आये मेरी बातों से यारों,

मैंने बरसों से एक ही फूल से मोहब्बत की है.

खुशबू की तरह आया वो तेज़ हवाओं में 

माँगा था जिसे हमने दिन रात दुआओं में.

अपनी यादों की ख़ुशबू भी हम से छीन लोगे क्या?

किताब-ए-दिल में अब ये सूखा गुलाब तो रहने दो.

मुझ में खुशबू बसी उस की हैं,

जैसे कि ये जिन्दगी उस की हैं

तेरी बातों की खुशबू से महका है सफर,

मेरी हर रात बन गई है मिसाल तेरी प्यार।

तेरी मुस्कान की खुशबू से महक उठी है ज़िन्दगी,

रातें हुईं मिली ख्वाबों से भरी।

खुशबू सी बिखरी है तेरे इंजामों की राहों में,

तेरी हर मुस्कान ने की है मेरी राहें रौंगतें भरी।

तेरी हर बातों में छुपी है एक खुशबू,

मेरे दिल को छू गई है तेरी बातों की मिठास।

तेरी बातों की खुशबू से है मेरा दिल महका,

तू है मेरी जिन्दगी का हर पल कुछ भी कहना कुम है।

तेरी हंसी की खुशबू से है मेरी रातें रौंगतें भरी,

तू है मेरी जिन्दगी का सबसे प्यारा इनाम।

खुशबू की तरह छाई है तेरी ये मुस्कान,

हर दर्द और ग़म को कर देती है हल्का-सा।

तेरी बातों की खुशबू से बनती है मेरी ख्वाबों की सवारी,

तू है मेरी जिन्दगी की हर पल की खुशबू।

तेरे होने से ही है मेरी रातें रौंगतें भरी,

तेरी मुस्कान में बसी है मेरी जिन्दगी की सबसे खुशबू।

तेरी हर बातों की खुशबू से है मेरा दिल महका,

तू है मेरी जिन्दगी का हर पल कुछ भी कहना कुम है।

तेरी खुशबू से है मेरी रातें रौंगतें भरी,

तेरी हंसी में है मेरी जिन्दगी की सबसे बड़ी राहत।

तेरी बातों की खुशबू से है मेरा दिल महका,

तू है मेरी जिन्दगी का हर पल कुछ भी कहना कुम है।

तेरी हर मुस्कान की खुशबू से है मेरी रातें मस्तानी,

तू है मेरी जिन्दगी का हर पल कुछ भी कहना कुम है।

तेरी हर बातों की खुशबू से है मेरा दिल महका,

तू है मेरी जिन्दगी का हर पल कुछ भी कहना कुम है।

तेरी हंसी की खुशबू से है मेरी रातें रौंगतें भरी,

तू है मेरी जिन्दगी का सबसे प्यारा इनाम।

तेरी हर बातों की खुशबू से है मेरा दिल महका,

तू है मेरी जिन्दगी का हर पल कुछ भी कहना कुम है।

तेरी मुस्कान की खुशबू से है मेरी रातें रौंगतें भरी,

तू है मेरी जिन्दगी की सबसे बड़ी राहत।

तेरी बातों की खुशबू से है मेरा दिल महका,
तू है मेरी जिन्दगी का हर पल कुछ भी कहना कुम है।

तेरी हंसी की खुशबू से है मेरी रातें रौंगतें भरी,
तू है मेरी जिन्दगी का सबसे प्यारा इनाम।

तेरी हर बातों की खुशबू से है मेरा दिल महका,
तू है मेरी जिन्दगी का हर पल कुछ भी कहना कुम है।

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