100+Barish Shayari | Rain Status | Barsaat Shayari in Hindi

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Barish Shayari

खुद भी रोता है और मुझे भी रुला देता है,
ये बारिश का मौसम उसकी याद दिला देता है।

कहीं फिसल ना जाओ ज़रा संभल के रहना,
मौसम बारिश का है और मोहब्बत का भी।

मजबूरियॉ ओढ़ के निकलता हूं घर से आजकल,
शौक तो आज भी है बारिशों में भीगनें का।

बारिश का सुहाना मौसम कुछ याद दिलाता है,
किसी के साथ होने का एहसास दिलाता है,
फिजा भी सर्द है यादें भी ताजा हैं,
ये मौसम किसी का प्यार दिल में जगाता है।

सारे इत्त्रों की खुशबू आज मंद पड़ गयी,
मिट्टी में बारिश की बूंदें जो चंद पड़ गयी…??

चांद को मामा बताए अब वो रात नहीं होती ,
सावन के झूलों से अब सखियों कि बात नहीं होती ,
आम और जमीन ने भी बहुत तलाशा बचपन को,
कागज की कश्ती लेकर भी अब बरसात नहीं होती,.

आंखों से होती रही , रात भर बरसात , ‌
दिल भी तो समझा नहीं , जिस्म के जज्बात ।।

बचपन की जवानी भीग गई बरसात में,
करोना हो जाएगा चलते हैं घर में ।।?

तेरी याद के बग़ैर हमने कोई रात नहीं देखी,
जबसे गया है तू हमने कभी इस शहर में बरसात नहीं देखीं!

बारिश से मोहब्बत मुझे कुछ इस कदर है,

वो बरश्ता उधर है,

और मेरा दिल धड़कता इधर है !

मौसम-ए-इश्क़ है तू एक कहानी बन के आ,

मेरे रूह को भिगो दें जो तू वो पानी बन के आ !

गुजारिश करता हूं कि उससे अकेले में मुलाकात हो,

ख्वाहिश ए दिल है जब भी हो बरसात हो !

तेरे प्रेम की बारिश हो,

मैं जलमगन हो जाऊं,

तुम घटा बन चली आओ,

मैं बादल बन जाऊं !

हो रही है बारिश,

पूरा शहर ये वीरान है,

एक हम ही तो उदास नहीं,

सारा शहर परेशान है !

Rain Status

मुझे ऐसा ही जिन्दगी का हर एक पल चाहिए,

प्यार से भरी बारिश और संग तुम चाहिए !!

बारिश की बुंदे भी क्या वफा निभाती हैं !

दूर आसमा से निकल कर,

जमी में मिल जाती हैं !

बारिश की बूंदे आज मेरे चेहरे को छू गई,

लगता है शायद आसमा को जमी मिल गई !

कल रात मैंने सारे ग़म आसमान को सुना दिए,

आज मैं चुप हूँ और आसमान बरस रहा है !

पहली बारिश का नशा ही,

कुछ अलग होता है,

पलको को छूते ही,

सीधा दिल पे असर होता है !

इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है !

ना चाहते हुए भी कोई शिदत से याद आता है !

मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से आजकल,

वरना शौक तो आज भी है बारिश में भीगने का !

सुबह का मौसम बारिश का साथ है,

हवा ठंडी जिससे ताजगी का एहसास है,

बना के रखिए चाय और पकौड़े

बस हम आपके घर के थोड़े से पास हैं !

हमारे शहर आ जाओ,

सदा बरसात रहती है,

कभी बादल बरसते हैं,

कभी आँखे बरसती हैं !!

सावन के महीने में भीगे थे हम साथ में,

अब बिन मौसम भीग रहे है तेरी याद में !

मत पूछो कितनी मोहब्बत है मुझे उनसे,

बारिश की बूंद भी अगर उन्हें छू जाती है,

तो दिल में आग लग जाती है !

Barsaat Shayari in Hindi

कोई तो बारिश ऐसी हो जो तेरे साथ बरसे,

तन्हा तो मेरी आंख हर रोज बरसाती हैं !!

कोई इस तरह भी वाकिफ हो मेरी जिंदगी से,

की मैं बारिश में भी रोऊँ और वो मेरे आँसूं पढ़ ले !

कुछ तो चाहत रही होंगी,

इस बारिश की बूंदो की,

वर्ना कौन गिरता है जमीन पर,

आसमान तक पहुंचने के बाद !!

खुद को इतना भी ना बचाया करो,

बारिशे हुआ करे तो भीग जाया करो !

कोई रंग नहीं होता बारिश के पानी में,

फिर भी फ़िजा को रंगीन बना देता है !!

छत टपकती हैं उसके कच्चे घर की वो,

किसान फिर भी बारिश की दुआ करता है !!

बारिश आती है प्यार बढ़ाने के लिए,

मगर आप घर के बाहर निकलते ही नहीं !

ए बारिश यूं ना सता मुझे अब वो,

हमसफर मेरा नहीं किसी और का हैं !!

तुम्हें बारिश पसंद है मुझे बारिश में तुम,

तुम्हें हँसना पसंद है मुझे हँसते हुए तुम,

तुम्हें बोलना पसंद है मुझे बोलते हुए तुम,

तुम्हें सब कुछ पसंद है और मुझे बस तुम !

जब लुत्फ़ का मंजर देखता रहता हूँ बारिश में,

बदन जलता है और मैं भीगता रहता हूँ बारिश में !

अब कोन घटाओ को घुमड़ने से रोक पायेगा,

जुल्फ जो खुल गयी तेरी लगता हैं सावन आयेंगे !

पहले बारिश होती थी तो तुम याद आते थे,

अब तुम याद आते हो तो बारिश होती है !!

बारिश और मोहब्बत दोनों ही,

यादगार होते है बारिश में जिस्म,

भीगता है और मोहबब्त में आंखे !

मोहब्बत तो वो बारिश है जिससे,

छूने की चाहत मैं हथेलियां तो गीली,

हो जाती है पर हाथ खा ली ही रह जाते है !

ऐ रब इस हसीन सावन की बस एक ही खाव्हिश है,

भीग लूँ मैं एक दफा बस यही फरमाइश है ।

सभी मौसम में बारिश का,

मौसम मुझे भाता बहुत है,

जब आता है तेरी याद संग लाता है !

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